लश्कर पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
गंगाराम बंदिल (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 50.2% वोट पाकर लश्कर पूर्व सीट जीती और रश्मि परिहार (INC) को 3,121 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 16 मुरार थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 16 ग्वालियर पूर्व है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गंगाराम बंदिल | 19,38250.2% | |
| 2 | रश्मि परिहार | 16,26142.1% | |
| 3 | मांगीलाल शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3823.6% |
| 4 | अनिल कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1823.1% |
| 5 | रामलाल मदन निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.3% |
| 6 | धरतीपकड़ मदनलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 880.2% |
| 7 | मोहनदास रामायणी निर्दलीय | निर्दलीय | 670.2% |
| 8 | रामकुमार देवेंद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 630.2% |
| 9 | हरि ओझा निर्दलीय | निर्दलीय | 340.1% |
| 10 | प्रभु दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 200.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लश्कर पूर्व से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1980 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 50.2%। मतदान प्रतिशत 1980 के 44.7% से घटकर 42.9% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।