इंदौर-IIविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
सुरेश सेठ (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 46.8% वोट पाकर इंदौर-II सीट जीती और विष्णु प्रसाद दुर्गा प्रसाद शुक्ला (बड़े भैया) (BJP) को 1,082 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 271 सेंधवा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 271 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
इंदौर-II का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,082 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेश सेठ | 43,12046.8% | |
| 2 | विष्णु प्रसाद दुर्गा प्रसाद शुक्ला (बड़े भैया) | 42,03845.6% | |
| 3 | अर्जुन सिंह हांडा (बड़े भैया) वाम दल | वाम दल | 4,9925.4% |
| 4 | सुख लाल सितारे | 8670.9% | |
| 5 | बाबू राव | 3630.4% | |
| 6 | ओ.पी. चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 7 | राम स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.1% |
| 8 | मोहम्मद असलम पवार निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
| 9 | घनश्याम तिलवे निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 10 | जियाउद्दीन अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 11 | बाबुभाई पीताम्बर दास परमार निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
| 12 | अशोक कुमार सेतिया निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 13 | मंडक चन्द सिलावट निर्दलीय | निर्दलीय | 390.0% |
| 14 | रमेश गोयल (पत्रकार) निर्दलीय | निर्दलीय | 310.0% |
| 15 | ठाकुर बजरंग सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और CPI को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इंदौर-II से कौन जीता, 1977–1998
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.7% से बढ़कर 46.8% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1985 जितना ही रहा: 53.0%। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।