इंदौर-IIविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
कैलाश विजयवर्गीय (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 58.7% वोट पाकर इंदौर-II सीट जीती और डॉ. रेखा गांधी (INC) को 20,273 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 271 सेंधवा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 271 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कैलाश विजयवर्गीय 18.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कैलाश विजयवर्गीय NDA | NDA | 64,40958.7% |
| 2 | डॉ. रेखा गांधी | 44,13640.3% | |
| 3 | दादाभाई पोतधन | 3300.3% | |
| 4 | राजाना निगम | 2110.2% | |
| 5 | नारायण त्रिपाठी | 2040.2% | |
| 6 | दिनेश सिंह जादौन | 1180.1% | |
| 7 | हरिराम राठोड ABHM | ABHM | 770.1% |
| 8 | अशोक भूरेलाल जरवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 9 | रमेशचन्द्र कटियार निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 10 | लालचंद कपूर निर्दलीय | निर्दलीय | 490.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इंदौर-II से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 57.2% से बढ़कर 58.7% हो गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 62.2% से घटकर 52.3% रह गया।