इंदौर-IIIविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
गोपी कृष्ण नेमा (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 41.5% वोट पाकर इंदौर-III सीट जीती और महेश जोशी (INC) को 4,193 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 272 राजपुर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 272 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोपी कृष्ण नेमा | 21,34441.5% | |
| 2 | महेश जोशी | 17,15133.4% | |
| 3 | इकबाल बाला बेग सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 12,12323.6% |
| 4 | देवी सिंह नाथू ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.3% |
| 5 | प्रफुल्ल निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.3% |
| 6 | रंग नाथ | 1040.2% | |
| 7 | राजेश निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
| 8 | महेश निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 9 | हिमांशु निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 10 | समाधान नायिक फादर श्रीपाद नायिक निर्दलीय | निर्दलीय | 330.1% |
| 11 | राजू मोहन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 300.1% |
| 12 | कान्ति लाल साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 290.1% |
| 13 | अकबर खालिद फारूकी निर्दलीय | निर्दलीय | 210.0% |
| 14 | महेश चन्द्र चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 200.0% |
| 15 | ललित पोरवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 170.0% |
| 16 | नासिर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 120.0% |
| 17 | विमल जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 80.0% |
| 18 | शेख शामा निर्दलीय | निर्दलीय | 80.0% |
| 19 | बशीर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 20.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और JD को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इंदौर-III से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 52.8% से बढ़कर 56.8% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।