इंदौर-IIIविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
महेश जोशी (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 53.8% वोट पाकर इंदौर-III सीट जीती और सुमित्रा महाजन (BJP) को 5,103 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 272 राजपुर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 272 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महेश जोशी | 23,25353.8% | |
| 2 | सुमित्रा महाजन | 18,15042.0% | |
| 3 | कुतुब्बुद्दीन अंसारी जनता | जनता | 7581.8% |
| 4 | मोहम्मद आफाक अब्दुल अजीज वाम दल | वाम दल | 6201.4% |
| 5 | नूर मोहम्मद सुभान निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.3% |
| 6 | पुष्पा देवी पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.3% |
| 7 | मुकेश वाणे निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.3% |
| 8 | कृष्णकांत सीताराम निर्दलीय | निर्दलीय | 700.2% |
| 9 | सतीश बिरथरे निर्दलीय | निर्दलीय | 200.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इंदौर-III से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत लगभग 1980 जितना ही रहा: 52.8%। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।