शमशाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
प्रेम नारायण (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 55.5% वोट पाकर शमशाबाद सीट जीती और गिरीश चन्द्र राम सहाय (INC) को 15,419 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 249 देपालपुर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 249 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रेम नारायण 28.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रेम नारायण | 30,03255.5% | |
| 2 | गिरीश चन्द्र राम सहाय | 14,61327.0% | |
| 3 | जीवन सिंह किरार निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3496.2% |
| 4 | लाला राम रेवा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7175.0% |
| 5 | राजेश कुमार जैन | 1,1772.2% | |
| 6 | कैलाश साहू | 1,0912.0% | |
| 7 | तखत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5381.0% |
| 8 | कैलाश सिंह रघुवंशी निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.2% |
| 9 | शंकर सिंह रघुवंशी निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.2% |
| 10 | गिरीश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.2% |
| 11 | यादव पी. एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 12 | मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
| 13 | राम बाबू सोनी निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 14 | सरदार सिंह रघुवंशी निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शमशाबाद से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 52.5% से घटकर 49.5% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।