सिवनी-मालवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
प्रेम शंकर वर्मा (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 46.1% वोट पाकर सिवनी-मालवा सीट जीती और ओम प्रकाश रघुवंशी (INC) को 6,458 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 225 भोपाल थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 225 गरोठ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रेम शंकर वर्मा | 32,63746.1% | |
| 2 | ओम प्रकाश रघुवंशी | 26,17937.0% | |
| 3 | बलराम सिंह पटेल राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 6,4559.1% |
| 4 | जगदीश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9442.8% |
| 5 | शैलेंद्र कुमार गौड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 9031.3% |
| 6 | कमल सिंह रघुवंशी | 6991.0% | |
| 7 | बलराम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5670.8% |
| 8 | प्रेम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 5270.8% |
| 9 | राम चन्द्र (चंदूभैया) निर्दलीय | निर्दलीय | 3760.5% |
| 10 | राधे लाल लोधी | 2560.4% | |
| 11 | बाबू लाल रघुवंशी JNP(JP) | JNP(JP) | 1710.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और JD को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिवनी-मालवा से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 67.3% से घटकर 63.2% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।