सिवनी-मालवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
हजारीलाल नन्हू सिंह रघुवंशी (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 49.5% वोट पाकर सिवनी-मालवा सीट जीती और प्रेम शंकर वर्मा (BJP) को 3,673 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 225 भोपाल थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 225 गरोठ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। हजारीलाल नन्हू सिंह रघुवंशी 4.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हजारीलाल नन्हू सिंह रघुवंशी | 42,47749.5% | |
| 2 | प्रेम शंकर वर्मा NDA | NDA | 38,80445.2% |
| 3 | बदामीलाल उइके | 1,7502.0% | |
| 4 | अनुग्रह गौर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5491.8% |
| 5 | प्रेम शंकर सिवनी मालवा निर्दलीय | निर्दलीय | 3660.4% |
| 6 | अनिल कुमार मंडलोई | 3500.4% | |
| 7 | हजारीलाल रघुवंशी निर्दलीय | निर्दलीय | 2950.3% |
| 8 | भाई जगदीश कपूर | 2320.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिवनी-मालवा से कौन जीता, 1977–1998
INC ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.4% से घटकर 49.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 69.6% से घटकर 66.2% रह गया।