खाचरौदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
लाल सिंह (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 53.6% वोट पाकर खाचरौद सीट जीती और बालेश्वर दयाल जायसवाल (INC) को 10,355 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 263 खण्डवा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 263 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लाल सिंह | 45,37853.6% | |
| 2 | बालेश्वर दयाल जायसवाल | 35,02341.4% | |
| 3 | का. कृष्ण स्वामी वाम दल | वाम दल | 1,4661.7% |
| 4 | मांगी लाल शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3571.6% |
| 5 | शरद दत्तात्रय पाटिल | 5610.7% | |
| 6 | अब्दुल हमीद JNP(JP) | JNP(JP) | 4100.5% |
| 7 | नाहरू खान IML | IML | 1700.2% |
| 8 | रमेश लिंबस निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.2% |
| 9 | अशरफ खान BKUS | BKUS | 1010.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खाचरौद से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 60.0% से बढ़कर 65.4% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।