सिरमौरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
राम लखन शर्मा (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 44.9% वोट पाकर सिरमौर सीट जीती और रह मणि पटेल (INC) को 11,648 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 69 जैतपुर थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 69 सेमरिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राम लखन शर्मा 15.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम लखन शर्मा राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 34,23344.9% |
| 2 | रह मणि पटेल | 22,58529.6% | |
| 3 | सुन्दर लाल चौधरी | 11,53415.1% | |
| 4 | दिलीप कुमार द्विवेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 9501.3% |
| 5 | राम निहोरे निर्दलीय | निर्दलीय | 7531.0% |
| 6 | सूर्य प्रकाश द्विवेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 6240.8% |
| 7 | गंगा शरण द्विवेद निर्दलीय | निर्दलीय | 6010.8% |
| 8 | लक्ष्मी कान्त दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 5190.7% |
| 9 | लवकुश प्रसाद | 4340.6% | |
| 10 | रामकुमार (डोल) निर्दलीय | निर्दलीय | 4200.6% |
| 11 | राम कुमार पाण्डेय (पडरिया) निर्दलीय | निर्दलीय | 4050.5% |
| 12 | प्रभात वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 4030.5% |
| 13 | राज कुमार | 3570.5% | |
| 14 | शंकर सिंह चन्देल निर्दलीय | निर्दलीय | 3480.5% |
| 15 | उमा शंकर सोहगौरा निर्दलीय | निर्दलीय | 2680.3% |
| 16 | संतेश्वर प्रसाद गर्ग निर्दलीय | निर्दलीय | 2450.3% |
| 17 | राम किशोर तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2260.3% |
| 18 | अरुण द्विवेदी PVP | PVP | 2180.3% |
| 19 | हरि बंश निर्दलीय | निर्दलीय | 2160.3% |
| 20 | जेठू कोल निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.2% |
| 21 | सुभाष चन्द्र मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1590.2% |
| 22 | रामायण प्रसाद सिंह पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.2% |
| 23 | मनोज कुमार श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.2% |
| 24 | सतैया कोल निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
| 25 | चक्र धर वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 26 | श्याम बिहारी पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 310.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिरमौर से कौन जीता, 1977–2003
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 52.3% से बढ़कर 54.3% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।