गुलानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
विजेन्द्र सिंह सिसोदिया (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 56.4% वोट पाकर गुलाना सीट जीती और केदार सिंह मंडलोई (INC) को 12,239 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 257 सोनकच्छ थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 257 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — विजेन्द्र सिंह सिसोदिया 17.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विजेन्द्र सिंह सिसोदिया | 39,71856.4% | |
| 2 | केदार सिंह मंडलोई | 27,47939.0% | |
| 3 | भारत कुमार सुलाने | 1,7152.4% | |
| 4 | निर्भय सिंह करारा JNP(JP) | JNP(JP) | 5660.8% |
| 5 | बापू लाल | 5260.8% | |
| 6 | हेम राज निर्दलीय | निर्दलीय | 3360.5% |
| 7 | गणपत मालवीय निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गुलाना से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 64.9% से घटकर 62.3% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।