गुलानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
गिरिराज मंडलाई (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 51.8% वोट पाकर गुलाना सीट जीती और लक्ष्मण सिंह डोडिया (INC) को 5,090 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 257 सोनकच्छ थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 257 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गिरिराज मंडलाई | 40,58551.8% | |
| 2 | लक्ष्मण सिंह डोडिया | 35,49545.3% | |
| 3 | महेन्द्र कुमार चौरसिया निर्दलीय | निर्दलीय | 5860.8% |
| 4 | शिव खत्री जनता दल | जनता दल | 4630.6% |
| 5 | मनोज कुमार जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 4320.6% |
| 6 | शरद | 3900.5% | |
| 7 | इब्राहिम खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3130.4% |
| 8 | बाबूलाल सोराष्टिर्या निर्दलीय | निर्दलीय | 1660.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गुलाना से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 56.4% से घटकर 51.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 62.3% से बढ़कर 66.6% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।