गुलानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
लक्ष्मण सिंह डोडिया (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 44.6% वोट पाकर गुलाना सीट जीती और विजेन्द्र सिंह सिसोदिया (BJP) को 1,195 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 257 सोनकच्छ थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 257 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
गुलाना का फ़ैसला सिर्फ़ 2.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,195 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लक्ष्मण सिंह डोडिया | 26,91544.6% | |
| 2 | विजेन्द्र सिंह सिसोदिया | 25,72042.6% | |
| 3 | प्रतिभा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3383.9% |
| 4 | हरिचरण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6622.8% |
| 5 | ओम प्रकाश शर्मा Lok Dal | Lok Dal | 1,0431.7% |
| 6 | राम चरण निर्दलीय | निर्दलीय | 7261.2% |
| 7 | अंभाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 6291.0% |
| 8 | प्रेम नारायण सक्सेना जनता | जनता | 5270.9% |
| 9 | सरदार खान निर्दलीय | निर्दलीय | 4450.7% |
| 10 | बाबू खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गुलाना से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 61.8% से बढ़कर 64.9% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।