रैगाँवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
धीरेन्द्र सिंह (धीरू) (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 31.8% वोट पाकर रैगाँव सीट जीती और जुगल किशोर (BJP) को 805 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 61 गोपद बनास थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 61 चित्रकूट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
रैगाँव का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 805 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | धीरेन्द्र सिंह (धीरू) राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 21,06031.8% |
| 2 | जुगल किशोर | 20,25530.6% | |
| 3 | विशेश्वर प्रसाद | 19,58929.6% | |
| 4 | सुखीलाल लोधिया | 3,0694.6% | |
| 5 | नाथू | 1,0561.6% | |
| 6 | भाईलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5130.8% |
| 7 | राम दास दहिया LKD(B) | LKD(B) | 3520.5% |
| 8 | मान भरन हरिजन निर्दलीय | निर्दलीय | 3060.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रैगाँव से कौन जीता, 1977–2003
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 48.5% से बढ़कर 57.9% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1977विश्वेश्वर प्रसाद (JNP), जीत का अंतर 4.2%
- 1980रामाश्रय प्रसाद (INC(I)), जीत का अंतर 32.7%
- 1985रामाश्रय प्रसाद (INC), जीत का अंतर 1.1%
- 1990धीरेन्द्र सिंह (धीरू) (JD), जीत का अंतर 1.2%
- 1993जुगल किशोर (BJP), जीत का अंतर 10.8%
- 1998जुगुल किशोर (BJP), जीत का अंतर 6.6%
- 2003जुगुल किशोर (BJP), जीत का अंतर 10.1%