कुरुदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
सोमप्रकाश गिरी (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 56.0% वोट पाकर कुरुद सीट जीती और भुलेश्वरी दीपा साहू (INC) को 20,468 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 144 बालोद थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 144 बुधनी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सोमप्रकाश गिरी 26.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सोमप्रकाश गिरी | 42,85356.0% | |
| 2 | भुलेश्वरी दीपा साहू | 22,38529.2% | |
| 3 | कल्याण सिंह सोनवानी निर्दलीय | निर्दलीय | 8,19210.7% |
| 4 | महेश सिंह | 1,1341.5% | |
| 5 | सुरेखा शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 5420.7% |
| 6 | भवानीराम निर्दलीय | निर्दलीय | 4950.7% |
| 7 | मोहन लाल चन्द्राकर | 4910.6% | |
| 8 | बलदाऊ निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.3% |
| 9 | सुल्तान सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.2% |
| 10 | रतिलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुरुद से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 58.2% से बढ़कर 66.9% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।