कुरुदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
भुलेश्वरी दीपा साहू (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 47.4% वोट पाकर कुरुद सीट जीती और सोमप्रकाश गिरी (BJP) को 1,389 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 144 बालोद थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 144 बुधनी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। भुलेश्वरी दीपा साहू 2.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भुलेश्वरी दीपा साहू | 24,43747.4% | |
| 2 | सोमप्रकाश गिरी | 23,04844.7% | |
| 3 | फग्गूराम साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3722.7% |
| 4 | लालाराम साहू जनता | जनता | 6911.3% |
| 5 | श्योरतनलाल निडर निर्दलीय | निर्दलीय | 6111.2% |
| 6 | विजयकुमार गायकवाड निर्दलीय | निर्दलीय | 4590.9% |
| 7 | कन्हैयालाल चन्द्राकर बागोदवाले निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.5% |
| 8 | ईश्वरचंद्र साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.5% |
| 9 | बुधेरचंद खरे निर्दलीय | निर्दलीय | 2420.5% |
| 10 | हनुमान प्रसाद श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 1450.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.35 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुरुद से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 67.3% से घटकर 58.2% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।