मेहगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
हरि सिंह (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 23.0% वोट पाकर मेहगांव सीट जीती और राय सिंह (निर्दलीय) को 440 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 10 अटेर थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 10 भिण्ड है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मेहगांव का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 440 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
16 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि सिंह | 15,52423.0% | |
| 2 | राय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 15,08422.3% |
| 3 | शिवकुमार शुक्ला राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 12,69618.8% |
| 4 | बच्चू सिंह नरवरिया | 10,58715.7% | |
| 5 | मुनेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,0679.0% |
| 6 | रामेश्वर दयाल दांतरे निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5945.3% |
| 7 | रामयाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4443.6% |
| 8 | वीरेंद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 5610.8% |
| 9 | पूरन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2860.4% |
| 10 | शांति | 1580.2% | |
| 11 | नरेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.2% |
| 12 | देवी दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.2% |
| 13 | अतर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 14 | सोवरन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 15 | सत्येन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 16 | सतीश चन्द्र तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 64% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मेहगांव से कौन जीता, 1977–2003
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 35.1% से घटकर 23.0% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 56.8% से बढ़कर 59.3% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।