मेहगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
राकेश (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 35.3% वोट पाकर मेहगांव सीट जीती और हरि सिंह (INC) को 4,304 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 10 अटेर थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 10 भिण्ड है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। राकेश 4.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राकेश NDA | NDA | 31,36035.3% |
| 2 | हरि सिंह | 27,05630.4% | |
| 3 | नरेश सिंह | 17,56619.8% | |
| 4 | राय सिंह भदौरिया | 8,99110.1% | |
| 5 | अजय कुमार सिंह भदौरिया | 3,1953.6% | |
| 6 | दिनेश निर्दलीय | निर्दलीय | 3560.4% |
| 7 | शैलेन्द्र सिंह JP | JP | 2150.2% |
| 8 | गजेन्द्र सिंह | 1160.1% | |
| 9 | रामनरेश सोनी SJP(R) | SJP(R) | 480.1% |
| 10 | राधेश्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मेहगांव से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट BSP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 60.7% से बढ़कर 64.6% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।