भानुप्रतापपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
झाडूराम रावटे (निर्दलीय) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 39.3% वोट पाकर भानुप्रतापपुर सीट जीती और गंगा पोटाई (INC) को 4,518 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 146 चौकी थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 146 आष्टा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | झाडूराम रावटे निर्दलीय | निर्दलीय | 19,66839.3% |
| 2 | गंगा पोटाई | 15,15030.3% | |
| 3 | महंगूराम समरथ राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 9,82819.6% |
| 4 | प्यारे लाल सलाम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7853.6% |
| 5 | सोहन लाल दरबारी राम पोटाई निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5403.1% |
| 6 | फारू राम | 6921.4% | |
| 7 | देशी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6521.3% |
| 8 | वासुदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 3850.8% |
| 9 | देव लाल दुग्गा निर्दलीय | निर्दलीय | 3200.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भानुप्रतापपुर से कौन जीता, 1977–1998
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1985 के 41.6% से बढ़कर 44.4% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।