आष्टाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
रघुनाथ सिंह मालवीय (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 38.3% वोट पाकर आष्टा सीट जीती और अजीत उमराव सिंह (INC) को 10,652 वोटों से हराया।
छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1998 में सीट नंबर 146 भानुप्रतापपुर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 146 कुरवाई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रघुनाथ सिंह मालवीय NDA | NDA | 51,50338.3% |
| 2 | अजीत उमराव सिंह | 40,85130.4% | |
| 3 | फूल सिंह चौहान | 34,39525.6% | |
| 4 | श्रीमती रेशम बाई निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3741.8% |
| 5 | नरेन्द्र खंगराली | 1,3581.0% | |
| 6 | माखनलाल धनवाल | 1,2971.0% | |
| 7 | बजरंग दास गोपीदास गोयल निर्दलीय | निर्दलीय | 9230.7% |
| 8 | नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9090.7% |
| 9 | नारायण सिंह निपानिया कलां निर्दलीय | निर्दलीय | 9020.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।