मंदिर हसौदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
सत्य नारायण शरम (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 45.9% वोट पाकर मंदिर हसौद सीट जीती और श्याम बैस (BJP) को 6,645 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 129 कोंडागांव थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 129 चौरई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सत्य नारायण शरम 16.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सत्य नारायण शरम | 18,56745.9% | |
| 2 | श्याम बैस | 11,92229.4% | |
| 3 | नरेन्द्र तिवारी राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 7,07317.5% |
| 4 | मनराखन लाल धीवर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0572.6% |
| 5 | बहादुर लाल बंजारे निर्दलीय | निर्दलीय | 7161.8% |
| 6 | बिरझुराम ओगरे निर्दलीय | निर्दलीय | 6521.6% |
| 7 | बिष्णु पाल | 2700.7% | |
| 8 | हरि ओम तिवारी | 1210.3% | |
| 9 | मोहम्मद नाजिम निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 10 | गंगा प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.04 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मंदिर हसौद से कौन जीता, 1977–1998
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.6% से घटकर 45.9% रह गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 64.8% से बढ़कर 72.0% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।