खण्डवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
हुकुम चन्द यादव (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 54.4% वोट पाकर खण्डवा सीट जीती और नंदा मंडलोई (INC) को 11,863 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 284 थांदला थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 284 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हुकुम चन्द यादव 19.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हुकुम चन्द यादव | 32,60954.4% | |
| 2 | नंदा मंडलोई | 20,74634.6% | |
| 3 | लखन मंडलोई राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 3,9626.6% |
| 4 | विजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2102.0% |
| 5 | विजय मिश्रा (लल्लू) निर्दलीय | निर्दलीय | 4730.8% |
| 6 | शमशुद्दीन खान (मम्मू) DMM | DMM | 4270.7% |
| 7 | रमेश चन्द्र बाबू लाल | 3210.5% | |
| 8 | लक्ष्मी नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.3% |
| 9 | छवि कान्त निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और JD को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खण्डवा से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 54.4% से घटकर 52.9% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।