खण्डवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
गंगाचरण मिश्रा (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 57.9% वोट पाकर खण्डवा सीट जीती और पूरणमल शर्मा (BJP) को 9,128 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 284 थांदला थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 284 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गंगाचरण मिश्रा 22.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गंगाचरण मिश्रा | 24,04657.9% | |
| 2 | पूरणमल शर्मा | 14,91835.9% | |
| 3 | शमशुद्दीन खान मनुआ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0052.4% |
| 4 | रामनाथ नानीजी उपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 6281.5% |
| 5 | नंदा मंडलोई निर्दलीय | निर्दलीय | 3960.9% |
| 6 | जशनसिंह केवल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3640.9% |
| 7 | रूप सिंह चौहान (पत्रकार) निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I) और BJP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खण्डवा से कौन जीता, 1977–1998
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 57.0% से घटकर 52.5% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।