खण्डवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
नंदा मंडलोई (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 60.7% वोट पाकर खण्डवा सीट जीती और हुकुम पहलवान (BJP) को 16,185 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 284 थांदला थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 284 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नंदा मंडलोई 32.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नंदा मंडलोई | 29,99660.7% | |
| 2 | हुकुम पहलवान | 13,81127.9% | |
| 3 | भजनलाल लक्ष्मीनारायण वाम दल | वाम दल | 4,3228.7% |
| 4 | राजेन्द्रसिंह फत्तेसींग निर्दलीय | निर्दलीय | 4020.8% |
| 5 | दामोदर रामेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 3380.7% |
| 6 | रमेश बाबूलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.5% |
| 7 | मणिशंकर नन्दकिशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.2% |
| 8 | द्वारकाप्रसाद रामप्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.2% |
| 9 | अमरजीत सिंह राजेंद्रसिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 890.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खण्डवा से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 52.5% से बढ़कर 54.4% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।