राजस्थान 1990 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
BJP: 85 सीटें (42.5%)JD: 55 सीटें (27.5%)INC: 50 सीटें (25.0%)IND: 9 सीटें (4.5%)CPM: 1 सीट (0.5%)बहुमत के लिए 101200सरकार बनाने के लिए 101
  • BJP8542.5%
  • JD5527.5%
  • INC5025.0%
  • निर्दलीय94.5%
  • CPM10.5%
चुनाव की कहानी

कांग्रेस के ढहने के बाद त्रिशंकु विधान सभा

क्या हुआ

कांग्रेस फिर सत्ता से बाहर हुई, और इस बार किसी एक पार्टी को अकेले सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिलीं।

भारतीय जनता पार्टी 200 में से 85 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

इससे विधान सभा बनी।

उसकी सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी, जनता दल, ने 55 सीटें जीतीं, जबकि उसने यहाँ पहले कभी कोई सीट नहीं जीती थी।

क्या बदला

यह कोई आम सत्ता परिवर्तन नहीं था — कांग्रेस का अपना समर्थन तेज़ी से ढह गया।

इंडियन नेशनल कांग्रेस की 53 सीटें सीधे भाजपा के पास गईं, जो इस चुनाव का सबसे बड़ा बदलाव था।

पूरे राज्य में 200 सीटों में से 145 सीटों पर पिछले चुनाव के मुक़ाबले जीतने वाली पार्टी बदल गई।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला सागवाड़ा, राजस्थान में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 64 वोट रहा।

उस साल सबसे बड़ा जीत का अंतर छबड़ा, राजस्थान में रहा, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 53.1% वोट आगे रहा।

महवा, राजस्थान में लगभग 73.4% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जो उस साल किसी भी सीट पर सबसे ज़्यादा था।

इस चुनाव में सबसे ज़्यादा उम्मीदवार बीकानेर, राजस्थान में उतरे, बैलट पर 48 उम्मीदवार थे।

पृष्ठभूमि

इससे राज्य में ऐसी कोई सरकार नहीं बनी जिसके पास अपने दम पर बहुमत हो।

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RBI 2024-25

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