किशनगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
जगजीत सिंह (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 48.1% वोट पाकर किशनगढ़ सीट जीती और प्रभा ठाकुर (INC) को 10,983 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 94 हिंडोली थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 94 मालपुरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगजीत सिंह | 37,80448.1% | |
| 2 | प्रभा ठाकुर | 26,82134.1% | |
| 3 | शांति कुमार गोधा निर्दलीय | निर्दलीय | 8,43510.7% |
| 4 | बाल कृष्ण दास निर्दलीय | निर्दलीय | 9441.2% |
| 5 | जवान सिंह गुर्जर JNP(JP) | JNP(JP) | 8671.1% |
| 6 | हेम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 8431.1% |
| 7 | महावीर प्रसाद गोयल निर्दलीय | निर्दलीय | 6330.8% |
| 8 | गिरधारी दास पुरोहित वाम दल | वाम दल | 6000.8% |
| 9 | बालू | 4260.5% | |
| 10 | नोरत मल रेगर निर्दलीय | निर्दलीय | 3140.4% |
| 11 | पूनम चन्द मुनपरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 2030.3% |
| 12 | शमशुद्दीन तबरेज निर्दलीय | निर्दलीय | 1800.2% |
| 13 | तारा चन्द छाजेड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.2% |
| 14 | प्रहलाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.1% |
| 15 | रामेश्वर लाल/रामदेव मालाकार निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
| 16 | करतार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 17 | किशना निर्दलीय | निर्दलीय | 530.1% |
| 18 | रामेश्वर लाल/सुवा लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 410.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
किशनगढ़ से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.7% से घटकर 48.1% रह गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1985 जितना ही रहा: 55.4%। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।