राजस्थान 1951 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 82 सीटें (51.2%)IND: 35 सीटें (21.9%)RRP: 24 सीटें (15.0%)BJS: 8 सीटें (5.0%)KLP: 7 सीटें (4.4%)HMS: 2 सीटें (1.3%)KMPP: 1 सीट (0.6%)SP: 1 सीट (0.6%)बहुमत के लिए 81160सरकार बनाने के लिए 81
  • INC8251.2%
  • निर्दलीय3521.9%
  • RRP2415.0%
  • BJS85.0%
  • KLP74.4%
  • HMS21.3%
  • KMPP10.6%
  • SP10.6%
चुनाव की कहानी

राजस्थान ने अपनी पहली विधान सभा चुनी

क्या हुआ

राजस्थान के पहले विधान सभा चुनाव में एक पार्टी को बस इतनी सीटें मिलीं कि वह अकेले सरकार बना सके।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 160 सीटों में से 82 सीटें जीतीं।

इससे वह बहुमत के लिए ज़रूरी संख्या से सिर्फ़ 1 सीट ऊपर रही।

निर्दलीय के उम्मीदवार सबसे करीब रहे, जिन्होंने 35 सीटें जीतीं।

क्या बदला

उस पहले चुनाव की कुछ सीटें बहु-सदस्यीय थीं, जहाँ एक मुक़ाबले से नई विधान सभा में एक से ज़्यादा सदस्य चुने जाते थे।

140 निर्वाचन क्षेत्रों में से 20 इसी तरह काम करते थे।

फिर भी नए सदन में 8 अलग-अलग दलों ने सीटें जीतीं, जो दिखाता है कि मुक़ाबला कितना बँटा हुआ था।

अहम आँकड़े

उस पहले चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला: खानपुर, राजस्थान का फ़ैसला सिर्फ़ 2 वोटों से हुआ, जो उस साल पूरे राज्य में सबसे कम था।

दूसरी ओर, इस चुनाव का सबसे बड़ा जीत का अंतर शेरगढ़, राजस्थान में रहा, जहाँ विजेता और दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार के बीच 83.1% वोटों का फ़ासला था।

इस चुनाव में सबसे ज़्यादा कुम्हेर, राजस्थान में रहा, जहाँ 74.1% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।

सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला रायसिंह नगर करणपुर, राजस्थान में था, जहाँ बैलट पर 15 उम्मीदवार थे।

पृष्ठभूमि

यह तस्वीर राजस्थान के सबसे शुरुआती रूप की है, राज्य के अपनी मौजूदा सीमाओं तक पहुँचने से कई साल पहले की।

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RBI 2024-25

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