किशनगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
रघुराज सिंह (RRP) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 36.4% वोट पाकर किशनगंज सीट जीती और गुरदीप सिंह (INC) को 1,917 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 118 नोखा है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रघुराज सिंह 18.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रघुराज सिंह RRP | RRP | 3,79436.4% |
| 2 | गुरदीप सिंह | 1,87718.0% | |
| 3 | जगदीप सिंह SP | SP | 1,17911.3% |
| 4 | रमेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,17511.3% |
| 5 | कन्हैया लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,15311.1% |
| 6 | चन्द खान निर्दलीय | निर्दलीय | 8638.3% |
| 7 | वेद प्रकाश | 2302.2% | |
| 8 | राधा बल्लभ निर्दलीय | निर्दलीय | 1561.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 66% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।