नए मुख्यमंत्री के साथ भाजपा की वापसी
क्या हुआ
मौजूदा सरकार सत्ता से बाहर हो गई, और विपक्ष सत्ता में लौट आया।
भारतीय जनता पार्टी ने कुल 200 में से 120 सीटें जीतीं — एक भारी जीत।
उसे 39.2% वोट भी मिले।
सत्ता से बाहर हो रही इंडियन नेशनल कांग्रेस सिर्फ़ 56 सीटों पर सिमट गई।
क्या बदला
सीटों का बड़ा हिस्सा सत्ता से बाहर जा रही पार्टी से सत्ता में आ रही पार्टी के पास चला गया।
99 सीटें कांग्रेस से भाजपा के पास गईं, जो इस चुनाव का सबसे बड़ा बदलाव था।
कुल मिलाकर, जिन 200 सीटों की तुलना की गई, उनमें से 141 पर जीतने वाली पार्टी बदल गई।
पिछले चुनाव के मुक़ाबले जीतने वाली पार्टी के (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) 6.0 प्रतिशत अंक बढ़ा, जबकि सत्ता से बाहर हुई पार्टी का 9.3 प्रतिशत अंक गिरा।
अहम आँकड़े
इस चुनाव के कुछ आँकड़े अपने आप में जानने लायक़ हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला: करौली, राजस्थान में (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 155 वोट रहा।
दूसरी ओर, इस चुनाव का सबसे बड़ा जीत का अंतर टोडाभीम, राजस्थान में रहा, 39.7% वोट।
लगभग 67.1% पंजीकृत मतदाता वोट डालने आए, जो तब तक राजस्थान के किसी भी विधान सभा चुनाव में दर्ज सबसे ऊँचा हिस्सा था।
सबसे ज़्यादा मतदाता बनी पार्क, राजस्थान में थे, कुल 4,34,501 पंजीकृत मतदाता।
पृष्ठभूमि
राज्य में सरकार पूरी तरह बदल गई।