तारानगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
डॉ. चन्द्र शेखर बैद (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 34.7% वोट पाकर तारानगर सीट जीती और जय नारायण पूनियां (INLD) को 2,159 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 21 सूरजगढ़ थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 21 सरदारशहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
तारानगर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,159 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. चन्द्र शेखर बैद | 42,70834.7% | |
| 2 | जय नारायण पूनियां NDA | NDA | 40,54932.9% |
| 3 | रतन सिंह राठौर RSNM | RSNM | 17,51314.2% |
| 4 | मोहर सिंह | 12,82210.4% | |
| 5 | लेख राम ढुकिया NDA | NDA | 5,8104.7% |
| 6 | लक्ष्मी नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4201.1% |
| 7 | डॉ. रघुवीर सिंह मोहल | 9220.8% | |
| 8 | प्रसाद राम सुदा निर्दलीय | निर्दलीय | 5290.4% |
| 9 | राजवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5020.4% |
| 10 | प्रेम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4480.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तारानगर से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.5% से घटकर 34.7% रह गया। मतदान प्रतिशत 1998 के 68.8% से बढ़कर 74.7% हो गया।