डूंगरगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
मंगला राम (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 33.3% वोट पाकर डूंगरगढ़ सीट जीती और किसना राम (BJP) को 3,089 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 16 का नाम डूंगरगढ़ था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 16 लूणकरणसर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मंगला राम 2.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मंगला राम | 42,39733.3% | |
| 2 | किसना राम NDA | NDA | 39,30830.9% |
| 3 | सूरज मल निर्दलीय | निर्दलीय | 23,86618.8% |
| 4 | तारा चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 9,6897.6% |
| 5 | टोला राम NDA | NDA | 5,3064.2% |
| 6 | ईसर नाथ | 3,8763.0% | |
| 7 | बसु देव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5841.3% |
| 8 | पूनम चन्द शर्मा RSNM | RSNM | 1,1830.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.99 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डूंगरगढ़ से कौन जीता, 1977–2003
INC ने 1998 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 57.5% से घटकर 33.3% रह गया। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1998 जितना ही रहा: 68.4%।