लाडपुराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
भवानी सिंह राजावत (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 49.1% वोट पाकर लाडपुरा सीट जीती और पूनम गोयल (INC) को 6,201 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 108 पिड़ावा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 108 जायल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। भवानी सिंह राजावत 4.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भवानी सिंह राजावत NDA | NDA | 69,05349.1% |
| 2 | पूनम गोयल | 62,85244.7% | |
| 3 | राजेश गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5161.8% |
| 4 | अनवर एजाज गोरी | 2,1421.5% | |
| 5 | बजरंग लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3020.9% |
| 6 | नरेन्द्र कुमार तिवारी | 4830.3% | |
| 7 | चौथमल निर्दलीय | निर्दलीय | 4630.3% |
| 8 | सुरेश चन्द | 4520.3% | |
| 9 | नन्द सिंह हाड़ा RSNM | RSNM | 4490.3% |
| 10 | गोविन्द शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 3610.3% |
| 11 | अमिता मेहरा निर्दलीय | निर्दलीय | 2750.2% |
| 12 | सावित्री महावर ABRAHP | ABRAHP | 2550.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लाडपुरा से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1998 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1993 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 51.8% से बढ़कर 62.0% हो गया।