धोदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
अमरा राम (CPM) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 35.8% वोट पाकर धोद सीट जीती और रामेश्वर लाल (BJP) को 21,147 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 33 नीम का थाना थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 33 लक्ष्मणगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अमरा राम 16.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अमरा राम | 44,64735.8% | |
| 2 | रामेश्वर लाल NDA | NDA | 23,50018.8% |
| 3 | राम देव सिंह महरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 18,74515.0% |
| 4 | ओम प्रकाश झींगर | 16,73313.4% | |
| 5 | राज कुमार शर्मा RSNM | RSNM | 10,9538.8% |
| 6 | घासी राम | 4,7323.8% | |
| 7 | सूरज प्रकाश खींची निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9041.5% |
| 8 | जालू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3141.1% |
| 9 | सलग राम बलाई निर्दलीय | निर्दलीय | 6750.5% |
| 10 | रानीश निर्दलीय | निर्दलीय | 6340.5% |
| 11 | भागीरथ सिंह खर्राटे निर्दलीय | निर्दलीय | 5560.5% |
| 12 | जेशा राम बुगालिया निर्दलीय | निर्दलीय | 3490.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 70% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.68 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धोद से कौन जीता, 1977–2003
CPM ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1993 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 43.2% से घटकर 35.8% रह गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1998 के 69.0% से बढ़कर 71.4% हो गया।