धोदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
राम देव सिंह (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 34.8% वोट पाकर धोद सीट जीती और जय सिंह शेखावत/बदाम सिंह (JD) को 2,292 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 33 नीम का थाना थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 33 लक्ष्मणगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। राम देव सिंह 2.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
28 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम देव सिंह | 32,90634.8% | |
| 2 | जय सिंह शेखावत/बदाम सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 30,61432.3% |
| 3 | अमरा राम वाम दल | वाम दल | 26,86828.4% |
| 4 | जय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3541.4% |
| 5 | गोरधन सिंह/डोल राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6610.7% |
| 6 | बेग राज मेधावत निर्दलीय | निर्दलीय | 5080.5% |
| 7 | बनवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1590.2% |
| 8 | महावीर प्रसाद जांगिड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 1420.1% |
| 9 | मदन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.1% |
| 10 | गोरधन सिंह/भवानी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
| 11 | श्याम लाल बलाई निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
| 12 | कन्हैया लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
| 13 | किसना राम कुमावत निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
| 14 | जय सिंह शेखावत/ओंकार निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
| 15 | अजीत कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 16 | गणपत निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 17 | मदन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 18 | सांवर मल मेधवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 19 | बैगा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
| 20 | मदन लाल भूरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 21 | राम गोपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
| 22 | मंगल चन्द बलाई निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 23 | मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 24 | आमीन निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 25 | भंवर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 26 | भागीरथ निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 27 | सुल्तान निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
| 28 | भगवाना राम निर्दलीय | निर्दलीय | 140.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धोद से कौन जीता, 1977–2003
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 45.6% से घटकर 34.8% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 65.1% से बढ़कर 67.9% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।