डीडवानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
युनुस खान (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 37.6% वोट पाकर डीडवाना सीट जीती और रूपा राम डूडी (INC) को 4,371 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 194 नहीं थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 194 किशनगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। युनुस खान 3.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | युनुस खान NDA | NDA | 43,12137.6% |
| 2 | रूपा राम डूडी | 38,75033.8% | |
| 3 | भंवरा राम NDA | NDA | 11,86410.3% |
| 4 | उम्मेद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,0475.3% |
| 5 | देवी सिंह | 3,9933.5% | |
| 6 | भागीरथ राम पुत्र पेमा राम | 3,5703.1% | |
| 7 | मांगा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9711.7% |
| 8 | नबाब खान NDA | NDA | 1,4101.2% |
| 9 | कन्हैया लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1831.0% |
| 10 | पन्ने सिंह RSNM | RSNM | 1,0930.9% |
| 11 | भागीरथ राम निर्दलीय | निर्दलीय | 8510.7% |
| 12 | गीता देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 8470.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.68 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डीडवाना से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1998 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 71.3% से घटकर 69.1% रह गया।