डीडवानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
उमेद सिंह (JNP(JP)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 32.1% वोट पाकर डीडवाना सीट जीती और भोमा राम (INC(U)) को 4,601 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 194 नहीं थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 194 किशनगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उमेद सिंह JNP(JP) | JNP(JP) | 17,83932.1% |
| 2 | भोमा राम | 13,23823.8% | |
| 3 | अब्दुल रेहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 11,37420.5% |
| 4 | भंवरा राम | 10,59719.1% | |
| 5 | भंवरी निर्दलीय | निर्दलीय | 8321.5% |
| 6 | रूपा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 7231.3% |
| 7 | समदर निर्दलीय | निर्दलीय | 4570.8% |
| 8 | हिरालाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3340.6% |
| 9 | मथुरादास निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डीडवाना से कौन जीता, 1977–2003
JNP(JP) ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 62.7% से घटकर 59.5% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।