बहरोड़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
डॉ. करण सिंह यादव (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 40.4% वोट पाकर बहरोड़ सीट जीती और सुजन सिंह (निर्दलीय) को 17,645 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 58 थानागाजी थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 58 चाकसू है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — डॉ. करण सिंह यादव 17.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. करण सिंह यादव | 41,42240.4% | |
| 2 | सुजन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 23,77723.2% |
| 3 | लखमी चन्द NDA | NDA | 14,27513.9% |
| 4 | रोहिताश्व | 12,60912.3% | |
| 5 | ओम प्रकाश RPD | RPD | 2,6662.6% |
| 6 | बृज मोहन | 1,6491.6% | |
| 7 | महेन्द्र सिंह | 1,4101.4% | |
| 8 | बीना निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1241.1% |
| 9 | अमी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0341.0% |
| 10 | विजय सिंह यादव NDA | NDA | 9220.9% |
| 11 | किशोरी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7760.8% |
| 12 | नरेश कुमार | 5390.5% | |
| 13 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2630.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बहरोड़ से कौन जीता, 1977–2003
INC ने 1998 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 56.0% से घटकर 40.4% रह गया। मतदान प्रतिशत 1998 के 69.8% से घटकर 69.0% रह गया।