थानागाजीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
लक्ष्मी नारायण (SWA) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 48.5% वोट पाकर थानागाजी सीट जीती और जय किशन (INC) को 1,486 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 58 मलारना चौड़ थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 58 बहरोड़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। लक्ष्मी नारायण 3.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लक्ष्मी नारायण महागठबंधन | महागठबंधन | 20,69248.5% |
| 2 | जय किशन कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 19,20645.0% |
| 3 | पांचू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 9962.3% |
| 4 | ओमकार निर्दलीय | निर्दलीय | 6831.6% |
| 5 | लीला राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3630.8% |
| 6 | राम पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3540.8% |
| 7 | जगन्नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2060.5% |
| 8 | आनंदी लाल | 1430.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SWA और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
थानागाजी से कौन जीता, 1967–1972
SWA ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 53.0% से बढ़कर 58.4% हो गया।
- 1967जे. कृष्ण (INC), जीत का अंतर 3.4%
- 1972लक्ष्मी नारायण (SWA), जीत का अंतर 3.5%