नीम-का-थानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
प्रेम सिंह बाजोर (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 24.4% वोट पाकर नीम-का-थाना सीट जीती और रमेश चन्द खण्डेलवाल पुत्र रामस्वरूप (RPD) को 205 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 37 जौहरी बाजार थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 37 खंडेला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नीम-का-थाना का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 205 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रेम सिंह बाजोर NDA | NDA | 30,37124.4% |
| 2 | रमेश चन्द खण्डेलवाल पुत्र रामस्वरूप RPD | RPD | 30,16624.2% |
| 3 | धर्मपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 26,27921.1% |
| 4 | मोहन लाल मोदी | 23,39218.8% | |
| 5 | मनोज | 7,6906.2% | |
| 6 | सुन्दर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0481.6% |
| 7 | राधेश्याम RSNM | RSNM | 1,0850.9% |
| 8 | रमेश चन्द खण्डेलवाल पुत्र विजय आयल निर्दलीय | निर्दलीय | 9390.8% |
| 9 | दशरथ कुमार सैन निर्दलीय | निर्दलीय | 8180.7% |
| 10 | मुकेश निर्दलीय | निर्दलीय | 6670.5% |
| 11 | प्रमोद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6540.5% |
| 12 | श्योराम निर्दलीय | निर्दलीय | 3660.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 70% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नीम-का-थाना से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1998 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 67.5% से बढ़कर 70.5% हो गया।