चूरूविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
राजेन्द्र राठौर (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 48.5% वोट पाकर चूरू सीट जीती और हुसैन सय्यद (INC) को 7,925 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 20 पिलानी थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 20 तारानगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेन्द्र राठौर NDA | NDA | 56,48448.5% |
| 2 | हुसैन सय्यद | 48,55941.7% | |
| 3 | रामा कान्त | 6,7725.8% | |
| 4 | करणी सिंह शेखावत RSNM | RSNM | 1,6281.4% |
| 5 | अमर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0090.9% |
| 6 | शब्बीर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 8090.7% |
| 7 | रामजस मेघवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5990.5% |
| 8 | मोहन लाल | 4890.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.42 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चूरू से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1993 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.6% से घटकर 48.5% रह गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1998 जितना ही रहा: 71.7%।