निम्बाहेड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
अशोक कुमार नवलखा (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 48.3% वोट पाकर निम्बाहेड़ा सीट जीती और उदय लाल (INC) को 1,041 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 125 लसाड़िया थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 125 ओसियां है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
निम्बाहेड़ा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,041 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अशोक कुमार नवलखा NDA | NDA | 71,58348.3% |
| 2 | उदय लाल | 70,54247.5% | |
| 3 | चन्द मल ABCD(A) | ABCD(A) | 2,0941.4% |
| 4 | रमेश चन्द जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8951.3% |
| 5 | रतन निर्दलीय | निर्दलीय | 8290.6% |
| 6 | शांति लाल मीना CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 6670.5% |
| 7 | मांगी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4280.3% |
| 8 | मोहन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3030.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
निम्बाहेड़ा से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1998 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 54.0% से घटकर 48.3% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 74.5% से बढ़कर 79.5% हो गया।