सिरोहीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
संयम लोधा (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 41.9% वोट पाकर सिरोही सीट जीती और तारा भंडारी (BJP) को 4,136 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 167 जैसलमेर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 167 कपासन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। संयम लोधा 4.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | संयम लोधा | 43,33041.9% | |
| 2 | तारा भंडारी NDA | NDA | 39,19437.9% |
| 3 | दलीप सिंह RSNM | RSNM | 6,9076.7% |
| 4 | हाथीराम | 4,9184.8% | |
| 5 | बाबूलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6923.6% |
| 6 | हकमाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8762.8% |
| 7 | पूनमचंद बाफना निर्दलीय | निर्दलीय | 6880.7% |
| 8 | पन्ना लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5660.6% |
| 9 | आर.जी. विरला | 4130.4% | |
| 10 | कुशल चोपड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 4010.4% |
| 11 | गणपत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3370.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.04 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिरोही से कौन जीता, 1977–2003
INC ने 1998 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 32.8% से बढ़कर 41.9% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 63.2% से बढ़कर 65.6% हो गया।