राजस्थान 1957 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 119 सीटें (67.6%)IND: 32 सीटें (18.2%)RRP: 17 सीटें (9.7%)BJS: 6 सीटें (3.4%)CPI: 1 सीट (0.6%)PSP: 1 सीट (0.6%)बहुमत के लिए 89176सरकार बनाने के लिए 89
  • INC11967.6%
  • निर्दलीय3218.2%
  • RRP179.7%
  • BJS63.4%
  • CPI10.6%
  • PSP10.6%
चुनाव की कहानी

बड़ा राज्य, बड़ा बहुमत

क्या हुआ

इंडियन नेशनल कांग्रेस फिर जीती, और इस बार भारी अंतर से।

कांग्रेस ने कुल 176 में से 119 सीटें जीतीं — एक भारी जीत, जिससे उसे नए सदन में भारी बहुमत मिला।

यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 30 सीटें ज़्यादा था।

निर्दलीय के उम्मीदवार सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी रहे, जिन्हें 32 सीटें मिलीं।

क्या बदला

यह राजस्थान के नए बड़े हुए नक्शे पर हुआ पहला चुनाव था; कुछ ही समय पहले पड़ोसी इलाक़ा राज्य में जोड़ा गया था।

विधान सभा में सीटों की संख्या 160 से बढ़कर 176 हो गई।

कुछ नई सीटों से एक साथ एक से ज़्यादा सदस्य चुने गए।

136 निर्वाचन क्षेत्रों में से 40 इसी तरह काम करते थे।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला: भरतपुर, राजस्थान का फ़ैसला सिर्फ़ 6 वोटों से हुआ, जो उस साल पूरे राज्य में सबसे कम था।

दूसरी ओर, इस चुनाव का सबसे बड़ा जीत का अंतर राजसमन्द, राजस्थान में रहा, जहाँ विजेता और दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार के बीच 76.8% वोटों का फ़ासला था।

इस चुनाव में सबसे ज़्यादा कामां, राजस्थान में रहा, जहाँ 79.2% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।

सबसे ज़्यादा मतदाताओं वाला निर्वाचन क्षेत्र जालोर, राजस्थान था, जिसकी मतदाता सूची में 1,21,770 पंजीकृत मतदाता थे।

पृष्ठभूमि

यह चुनाव राजस्थान के अपने नक्शे में बदलाव के बाद हुआ, जब पड़ोसी इलाक़ा राज्य में शामिल हुआ।

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