फतेहपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
अब्दुल गफ्फार खान (INC) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 17.8% वोट पाकर फतेहपुर सीट जीती और आलम अली खान (निर्दलीय) को 1,016 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 7 नादौती थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 7 मंडावा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अब्दुल गफ्फार खान 4.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अब्दुल गफ्फार खान | 3,95517.8% | |
| 2 | आलम अली खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,93913.2% |
| 3 | हरदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,42310.9% |
| 4 | राम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,35710.6% |
| 5 | शिव देव निर्दलीय | निर्दलीय | 2,31710.4% |
| 6 | खरग सिंह | 1,9358.7% | |
| 7 | सीता राम RRP | RRP | 1,9178.6% |
| 8 | देवेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4746.6% |
| 9 | माली राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3786.2% |
| 10 | मोती लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 8934.0% |
| 11 | अब्दुलगनी निर्दलीय | निर्दलीय | 6793.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 42% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 9.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।