लक्ष्मणगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
किशन सिंह (INC) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 30.3% वोट पाकर लक्ष्मणगढ़ सीट जीती और गिरधारी सिंह (RRP) को 3,012 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 8 बहरोड़ थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 8 फतेहपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | किशन सिंह | 8,26530.3% | |
| 2 | गिरधारी सिंह RRP | RRP | 5,25319.2% |
| 3 | तिलोक सिंह | 5,17018.9% | |
| 4 | बलवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,10411.4% |
| 5 | हाफिज अख्तर हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3088.4% |
| 6 | शिव दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7476.4% |
| 7 | भगवान दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4635.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।