सूरसागरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
मोहन मेघवाल (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 48.2% वोट पाकर सूरसागर सीट जीती और भंवर लाल बलाई पुत्र सुदा राम (INC) को 5,785 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 185 नहीं थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 185 केशोरायपाटन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मोहन मेघवाल 3.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहन मेघवाल NDA | NDA | 82,22848.2% |
| 2 | भंवर लाल बलाई पुत्र सुदा राम | 76,44344.8% | |
| 3 | नत्थू राम मेघवाल RSNM | RSNM | 3,8272.2% |
| 4 | भंवर लाल बलाई पुत्र राजू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4301.4% |
| 5 | मीठू लाल महाराज | 1,7961.1% | |
| 6 | प्रेम मेहरा NDA | NDA | 1,6050.9% |
| 7 | गोपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3500.8% |
| 8 | भीखी देवी | 9400.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और RSNM को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सूरसागर से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1998 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1993 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1998 के 55.9% से बढ़कर 56.6% हो गया।