सूरसागरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
मोहन मेघवाल (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 56.5% वोट पाकर सूरसागर सीट जीती और नरपत राम बरवर (INC) को 16,132 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 185 नहीं थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 185 केशोरायपाटन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मोहन मेघवाल 15.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहन मेघवाल | 59,61856.5% | |
| 2 | नरपत राम बरवर | 43,48641.2% | |
| 3 | खेता राम मेघवाल | 8480.8% | |
| 4 | मोहन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 3290.3% |
| 5 | गंगा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.3% |
| 6 | विमला देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2540.2% |
| 7 | पृथ्वी राम | 1990.2% | |
| 8 | मोहन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.1% |
| 9 | नारायण दास कंडारे IP | IP | 1550.1% |
| 10 | किशन लाल मेघवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
| 11 | सुकनाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.04 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सूरसागर से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 37.9% से बढ़कर 48.5% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।