किशनपोलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
मोहन लाल गुप्ता (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 48.3% वोट पाकर किशनपोल सीट जीती और महेश जोशी (INC) को 718 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 43 लालसोट थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 43 चोमू है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
किशनपोल का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 718 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहन लाल गुप्ता NDA | NDA | 63,17448.3% |
| 2 | महेश जोशी | 62,45647.8% | |
| 3 | हमीद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3651.0% |
| 4 | फतेह चन्द | 1,2921.0% | |
| 5 | नन्द लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 8980.7% |
| 6 | तपेश SVP | SVP | 6280.5% |
| 7 | कैलाश चन्द जैन क्रांतिकारी निर्दलीय | निर्दलीय | 4940.4% |
| 8 | नृसिंह लाल खण्डेलवाल | 4820.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
किशनपोल से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1998 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1993 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 50.3% से बढ़कर 56.9% हो गया।
- 1977गिरधारी लाल भार्गव (JNP), जीत का अंतर 44.4%
- 1980श्री राम गोटेवाला (INC(I)), जीत का अंतर 0.7%
- 1985गिरधारी लाल भार्गवे (BJP), जीत का अंतर 10.1%
- 1990रामेश्वर भारद्वाज (BJP), जीत का अंतर 39.5%
- 1993रामेश्वर भरद्वाज (मूर्तिकार) (BJP), जीत का अंतर 36.5%
- 1998महेश जोशी (INC), जीत का अंतर 17.8%
- 2003मोहन लाल गुप्ता (BJP), जीत का अंतर 0.6%