बांदीकुईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
मुरारी लाल (BSP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 50.7% वोट पाकर बांदीकुई सीट जीती और मोहन लाल (BJP) को 29,951 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 51 बानसूर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 51 सिविल लाइंस है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मुरारी लाल 22.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुरारी लाल | 67,46450.7% | |
| 2 | मोहन लाल NDA | NDA | 37,51328.2% |
| 3 | शैलेन्द्र जोशी | 25,16318.9% | |
| 4 | सविता निर्दलीय | निर्दलीय | 9590.7% |
| 5 | गिर्राज जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 6670.5% |
| 6 | शंकर लाल शर्मा (बोहरा) निर्दलीय | निर्दलीय | 4460.3% |
| 7 | जगदीश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3010.2% |
| 8 | रामकिशन महावर निर्दलीय | निर्दलीय | 2700.2% |
| 9 | विमला निर्दलीय | निर्दलीय | 2580.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BSP, BJP और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.68 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बांदीकुई से कौन जीता, 1977–2003
BSP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1998 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BSP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1998 के 67.7% से बढ़कर 77.9% हो गया।