पिलानीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
श्रवण कुमार (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 43.0% वोट पाकर पिलानी सीट जीती और डॉ. मूल सिंह शेखावत (BJP) को 8,914 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 23 गुढ़ा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 23 रतनगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्रवण कुमार | 53,36743.0% | |
| 2 | डॉ. मूल सिंह शेखावत NDA | NDA | 44,45335.8% |
| 3 | अब्दुल अजीज खान | 11,0528.9% | |
| 4 | राजेन्द्र भालोठिया निर्दलीय | निर्दलीय | 10,9218.8% |
| 5 | राजेश डोबरा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6502.1% |
| 6 | ईश्वर सिंह तंवर | 1,2751.0% | |
| 7 | ओम प्रकाश बसवाला निर्दलीय | निर्दलीय | 5400.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.04 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिलानी से कौन जीता, 1977–2003
INC ने 1998 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.9% से घटकर 43.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1998 के 72.5% से घटकर 70.2% रह गया।